राकेश साहू की रिपोर्ट
सिंघीतराई हादसे के बाद कंपनी का दावा—हर परिवार के साथ खड़े, इलाज और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी.
वेदांता लिमिटेड की पावर इकाई में हुए भीषण हादसे के बाद कंपनी ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कंपनी के अनुसार, मृतकों और घायलों के परिवारों को पूरी आर्थिक सहायता प्रदान कर दी गई है और हरसंभव मदद जारी है।
कंपनी ने बताया कि पिछले सप्ताह इकाई-1 के बॉयलर से जुड़ी तकनीकी समस्या के चलते उच्च दबाव वाला गर्म पानी और भाप का रिसाव हुआ था। इस दौरान मौके पर मौजूद करीब 35 कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। इस इकाई का संचालन ओएंडएम कंपनी NTPC GE Power Services Limited द्वारा किया जा रहा था।
मुआवजा और सहायता
मृतकों के परिजनों को ₹35 लाख की आर्थिक सहायता.
घायलों को ₹15 लाख की मदद
सभी 35 प्रभावित परिवारों को मुआवजा भुगतान पूरा.
परिजनों को रोजगार के अवसर देने का आश्वासन.
इलाज और राहत व्यवस्था.
24×7 आपदा प्रबंधन टीम तैनात.
परिवारजनों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था.
मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसिलिंग सुविधा.
परिवारों के लिए विशेष योजनाएं.
कंपनी ने दीर्घकालिक सहयोग के तहत.
बच्चों की 12वीं तक पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान.
कौशल विकास केंद्रों के जरिए रोजगार प्रशिक्षण.
‘वेदांता संवेदना केंद्र’ की स्थापना.
क्या बोले कंपनी के CEO.
वेदांता पावर के सीईओ राजेन्द्र सिंह आहुजा ने कहा कि कंपनी प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके दीर्घकालिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच में सभी एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों/परिवारों का कहना.
घायल कर्मचारी गणेश साहू और अन्य परिजनों ने बताया कि.
इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठा रही है.
अस्पताल में कंपनी के प्रतिनिधि लगातार मौजूद हैं.
परिवारों को हर जरूरी सुविधा दी जा रही है.
कंपनी प्रोफाइल.
वेदांता पावर भारत के प्रमुख निजी थर्मल पावर उत्पादकों में शामिल है। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 12,000 मेगावाट से अधिक है और देश के कई राज्यों में इसके प्लांट संचालित हैं।
सिंघीतराई हादसे के बाद वेदांता पावर ने राहत और पुनर्वास पर तेजी से काम करते हुए मुआवजा वितरण पूरा करने का दावा किया है। हालांकि, हादसे के कारणों की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

