रिपोर्टिंग – राकेश साहू, सक्ति.
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद राहत और सहायता कार्य तेजी से जारी है। कंपनी द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि घायलों का इलाज उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के साथ किया जा रहा है।
मृतकों के परिजनों को 35 लाख और नौकरी.
हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारजनों को कंपनी की ओर से 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को रोजगार देने की घोषणा की गई है। छत्तीसगढ़ में प्रभावित परिवारों तक कंपनी प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं, वहीं अन्य राज्यों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए टीमें रवाना की गई हैं।

घायलों को 15 लाख और पूरी सैलरी.
हादसे में घायल कर्मचारियों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही, उनके पूरी तरह स्वस्थ होने तक मासिक वेतन भी जारी रहेगा। इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत परिवारजनों को पेंशन का लाभ भी मिलेगा।
रायगढ़-रायपुर में बेहतर इलाज, एयर एंबुलेंस की व्यवस्था.
घायलों का इलाज रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा भी रखी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बड़े चिकित संस्थानों में शिफ्ट किया जा सके।

परिजनों के लिए रहने-खाने और काउंसिलिंग की सुविधा.
अस्पतालों में भर्ती घायलों के परिजनों के लिए कंपनी द्वारा ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। साथ ही मानसिक तनाव को कम करने के लिए मेडिकल काउंसिलिंग भी कराई जा रही है।
परिवारों ने जताया संतोष, हालत में सुधार.
घायलों के परिजनों ने बताया कि कंपनी की ओर से हरसंभव मदद मिल रही है। बेहतर इलाज का असर दिख रहा है और मरीजों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
24×7 ‘वेदांता संवेदना केंद्र’ हेल्पलाइन शुरू.
प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए कंपनी ने ‘वेदांता संवेदना केंद्र’ के तहत 24×7 हेल्पलाइन शुरू की है। इसके जरिए पीड़ितों को हर जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कंपनी ने जताया दुख, हर मदद का भरोसा.
कंपनी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस कठिन समय में सभी प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव मदद जारी रखेगी।

