Korba : उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का समापन, पाली नगर वासियों में आस्था का उमड़ा जनसैलाब, बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं हुई शामिल

नगर पंचायत पाली क्षेत्र में सूर्य उपासना का पर्व छठ पूरे भक्ति भाव, श्रद्धा, उत्साह के साथ मनाया गया. चार दिवसीय इस पर्व का समापन मंगलवार की सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देकर किया गया, इस अवसर पर शिव मंदिर घाट में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ रही.

हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर आस्था और श्रद्धा का पर्व छठ मनाया जाता है, इसकी शुरुआत चतुर्थी तिथि से नहाय-खाय के साथ हो जाती है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक छठ, छठी मैया और सूर्यदेव को समर्पित व्रत है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और कठोर नियमों का पालन करते हुए संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. इस निर्जला निराहार उपवास में सूर्यदेव की उपासना का विशेष महत्व होता है. छठ के दिन शाम को व्रती महिलाएं नदी या तालाब में खड़ी होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं. यह आत्मिक शुद्धि और मानसिक शांति का प्रतीक है.

इसी कड़ी में पाली में भी छठ का पर्व नगर वासियों द्वारा भक्ति भाव के साथ शिव मंदिर स्थित नौकोनिया तालाब में सूर्य देव को अर्घ्य देकर मनाया गया.

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल भी नौकोनिया तालाब तट पर उपस्थित होकर पूजा अर्चना की और सभी को छठ पर्व की बधाई दी. यह पर्व शनिवार को नहाए खाए के साथ सूर्य उपासना और आस्था के साथ शुरू हुआ जो कि मंगलवार को प्रातः उगते सूर्य को अर्घ्य देकर खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना के साथ संपन्न हुआ. पर्व को लेकर पाली में खासा उत्साह देखा गया, बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं और उनके परिवारजन छठ पर्व में शामिल हुए.

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