Korba : पुलिस विभाग के महाशयों को नहीं है जनता से सरोकार, नाबालिग सड़कों पर बेधड़क दौड़ा रहे वाहन, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल…Video

कोरबा जिले में पुलिस विभाग को जनता से कोई सरोकार नहीं है. सड़को पर नाबालिग बेधड़क वाहनों को दौड़ाते नजर आ रहे हैं, जिसपर पुलिस विभाग लगाम लगाने की जगह, अपनी जेब गरम करने में लगी हुई है, इससे पुलिस विभाग के सारे दावे धरातल पर खोखले नजर आ रहे है. जिससे लगातार दुर्घटनाएं भी घट रही है.

पुलिस, एक ऐसा शब्द है. जिससे आम जनता अपने आप को सुरक्षित मानती है और अपराधी इनसे बचते नजर आते है. सभी को पता है कि, पुलिस विभाग को कई तरह की जिम्मेदारियां मिली होती है. जैसे कि अपराध नियंत्रण करना, कानून व्यवस्था बनाये रखना, आम जनता को सुरक्षा प्रदान करना, यहां तक के यातायात को भी नियंत्रण करना जिससे यातायात नियमों का पालन हो सके.

लेकिन कोरबा जिले में यातायात नियंत्रण को लेकर नियमों की धज्जियां उड़ी हुई है. जिसको लेकर पुलिस प्रशासन यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में भी दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. ताज़ा मामला नाबालिग के वाहन चलाने और महिला को जोरदार ठोकर मारने का है. यहां CSEB चौकी क्षेत्र के बुधवारी बाजार में नाबालिग ने तेज़ी से वाहन चलाते हुए, सड़क पार कर रही महिला को जोरदार टक्कर मार दिया. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला हवा में उछलने के बाद धड़ाम से जमीन में गिर गई, इस घटना में महिला का एक हाथ फैक्चर हो गया है. नाबालिग किसी तरह घटनास्थल से बचकर निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जागरूक नागरिकों ने उसे पकड़ लिया. जिसके बाद नाबालिग ने अपने परिजन को सूचना दी और दोनों पक्ष के बीच इलाज को लेकर मध्यस्थता हो गई.

लेकिन इस घटना से सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि नाबालिग घर से बाइक लेकर सड़क पर कैसे पहुंचा, पुलिस की वाहन चेकिंग जांच में क्या नाबालिग को किसी ने नहीं रोका? पुलिस विभाग की इसी गहरी नींद और सुस्ती के कारण ही नाबालिग भयमुक्त हो गए है और सड़कों पर बेधड़क वाहन लेकर पहुंच रहे हैं. क्योंकि उन्हें पता है कि, पुलिस की जेब गरम कर कार्रवाई से बचा जा सकता है. यही कारण है कि, यह हादसा हुआ है और महिला की एक हाथ फैक्चर हो गया. यदि पुलिस का रवैया यही रहा तो आने वाले दिनों में बड़ी दुर्घटना भी होना तय है. पुलिस लगातार लोगों को सुरक्षित रहने, हेलमेट लगाकर वाहन चलाने, शराब पीकर वाहन न चलाने की सिर्फ हिदायत देती है और फिर गहरी नींद में सो जाती है. पुलिस नाबालिग पर, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करना छोंड़ अपनी जेब गरम करने में लगी हुई है. जिसकी वजह से सड़को पर लगातार नाबालिग वाहन दौड़ाते नजर आ रहे है और आम जनता दुर्घटना का शिकार हो रही है. वहीं इस तरह की रवैये से पुलिस पर से आम जनता का विश्वास भी कम होता चला जा रहा है.

 

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